क्या आप शेयर मार्केट में निवेश करने जा रहे हैं? पहले ये 3 ज़रूरी शब्द जान लीजिए, नहीं तो आपका पैसा डूब सकता है!
Stock Market के 3 जरूरी Words
Point 1: शुरुआत और चेतावनी
Stock market में कुछ words ऐसे हैं,जो नये लोगों को जानना बेहद जरूरी हैं।इन words को जाने बगैर आप stock market में अपने पैसे को invest नहीं कर सकते। मैं कह भी नहीं चाहूंगा कि हमारे readers जोखिम में पड़ें। हमारे readers बिना जानकारी लिए ,अपने पैसे को,अपने दोस्तों से या news paper के माध्यम से या youtube के कुछ video को देख कर अपने पैसे को बर्बाद करें। दरिया में छलांग लगाने से पहले तैरना सीखना जरूरी है।बिना तैरना सीखे आप दरिया में आप छलांग लगाओगे तो आप डूब जाओगे।इस लिए हम चाहते हैं के आप पहले तैरना सीखो।
Point 2: सबसे जरूरी बात
Share market में कूदने से पहले,share market के कुछ words हैं,जो आप को जानना चाहिए।अगर आप इस words को नहीं जानोगे और share market में अपने पैसे को invest करते हैं तो आप को नुकसान के सिवा आप को कुछ भी नहीं मिलेगा। हो सकता है luck साथ दे दिया तो आप को कुछ मिल जाए।लेकिन याद रहे हर बार luck साथ नहीं देता है।इस लिए पहले जानो वरना आप अपने पैसे को बर्बाद कर दोगे।ये real life का चलता फिरता पैसा नहीं है जो जब चाहे पैदा कर दिए।ये share मार्किट है दोस्त।जो आ गया वो आप का हो गया और जो चला गया वो पैसा डूब गया।जो पैसा डूब गया वो वापस आने वाला नहीं है।याद कर लें share market में डूब हुआ पैसा वापस नहीं मिलता है।
Point 3: सीखने का तरीका
में अपने post में बार बार कहता हूं,बिना जानकारी लिए आप share market में पैसा invest मत किजिये।आप चाहे तो कुछ पैसा मेरा मतलब थोड़ी सी रकम लगा कर कम से कम 6 महीना तक share market की जानकारी लीजिये।इससे आप को मालुम पड़ जाएगा कब share खरीदने से आप profit में होंगे और कब आप loss में होंगे। इस तरह से सीखते रहे तो 100% तो नहीं कह सकते हैं मगर इतना तो exprience तो जरूर हो जायेगा कि आप बड़े नुकसान से जरूर बच जाएंगे और अच्छा खासा profit gain कर सकते हैं।
1 margin/leverage :
Share market में margin का meaning ये है margin trading एक facilities होती है जो हर brokers अपने कस्टमर्स को देते हैं।इस की helps से हम कम पैसे में जियादह share खरीद सकते हैं।
For example:
ध्यान देने वाली बातें:
- Intraday trading के लिए ही ज्यादातर मिलता है।
- Long term investing के लिए कोई भी brokers leverage नहीं देता है।
- बड़ी कंपनी पर margin ज्यादा, छोटी कंपनी पर margin कम
- Margin लेने से पहले अपने broker से सारे margin जरुर conform कर लें।
2 MARKET CAP
कारोबार की दुनिया में हर तरह की company काम करती है।लगभग सारी company का काम करने का तरीका अलग होता है।इधर तमाम company का आपस में कोई मेल नहीं होता है,और इस परिस्थिति में सभी कंपनियों को एक platform पर लाने और मिलाने के लिए एक concept आता है, जिसे हम market cap या market captilisation कहते हैं।market cap किसी भी company का कुल मुद्रा shares के market value को दर्शाता है।
Example:
मान लीजिए किसी company के पास कुल 100000 का share है।एक share का भाव वर्तमान समय में 500 चल रहा है।
इस हिसाब से उस company का market cap 50000000 का होगा।
जरूरी बात: share का भाव घटते-बढ़ते रहते हैं इसलिए company का market cap भी घटते-बढ़ते रहता है।इसमें market cap से company और उसके संसाधनों के वास्तविक लागत का मतलब नहीं होता है बल्कि यहाँ company में निवेश और उस के लाभ कमाने की संभावनाओं से प्रभावित होता है।
3 EPS - Earning Per Share
EPS का fullform दो तरह के होते हैं। Employees provident found और earning per share।लेकिन हम share market में earning per share का use करते हैं।
EPS (Earning per share) एक number होता है,जो ये बताता है कि exect time interval में एक company अपने हर common share पर कितने rupees का profit बना रही है।
Calculation of EPS:
Example 1: अगर किसी company net income 100cr है और preferred dividends 5cr दिया है, और average outstanding common shares 10cr है तो EPS = (100cr-5cr)/10cr = 9.5 rupees
अगर preferred dividends नहीं है तो Net income / average number of share outstanding
Example 2: 100cr / 10cr = 10 rupees
Diluted EPS: जब ESOP's और convertible securities को भी जोड़ा जाता है।
EPS के Uses:
- कंपनी के earning power को बताता है।
- PE ratio calculation करने में use होता है।
- सिर्फ 1 साल का नहीं, पिछले 3 से 5 साल का EPS देखें।
FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निष्कर्ष
दोस्तों शेयर मार्केट में पैसा कमाना मुश्किल नहीं है, लेकिन बिना ज्ञान के पैसा लगाना बहुत आसान है। Margin, Market Cap और EPS ये 3 शब्द हर नए निवेशक की बुनियाद हैं। Margin से रिस्क बढ़ता है, Market Cap से कंपनी की साइज पता चलती है और EPS से कंपनी की कमाई। इन तीनों को समझकर ही निवेश करें। याद रखें, शेयर मार्केट में धैर्य और जानकारी ही सबसे बड़ा हथियार है।
उम्मीद करते है दोस्तों हमारा ये पोस्ट आप को जरूर पसंद आयी होगी। Thanks आप सब का
डिस्क्लेमर
यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। ये किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। लेखक और वेबसाइट किसी भी लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

Bilkul sahi jankari diye hai sir🙏👍👍👍
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